Election Commission: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन और चुनाव आयोग से मुलाकात की मांग के बीच चुनाव आयोग ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। आयोग ने कहा है कि उसे किसी भी राजनीतिक दल या उसके प्रतिनिधियों से मिलने में कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि, मुलाकात के लिए तय प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होगा। आयोग के मुताबिक, राजनीतिक दल पहले भी निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत प्रतिनिधिमंडल के साथ उससे मिलते रहे हैं और आगे भी ऐसा कर सकते हैं। आयोग ने यह भी कहा कि मंगलवार शाम चार बजे तक किसी राजनीतिक दल ने औपचारिक तौर पर बैठक के लिए समय नहीं मांगा था। राहुल-प्रियंका समेत विपक्ष का धरना दरअसल, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और विपक्षी दलों के कई नेता मंगलवार को चुनाव आयोग से मिलने की मांग को लेकर आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठे थे। विपक्ष का आरोप था कि आयोग उनसे बातचीत के लिए तैयार नहीं है। नेताओं का कहना था कि वे आयोग के सामने अपनी शिकायतें रखना चाहते हैं और मुलाकात का समय मिलने तक प्रदर्शन जारी रखेंगे। हालांकि, शाम को दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारी नेताओं को हिरासत में लेकर बस से वहां से हटा दिया। 240 सांसदों के साथ बैठक पर क्यों अटका मामला? चुनाव आयोग ने बताया कि दिल्ली पुलिस के जरिए उसे जानकारी मिली थी कि राहुल गांधी के नेतृत्व में सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल आयोग से मिलकर ज्ञापन देना चाहता है। आयोग इस प्रस्ताव पर विचार कर ही रहा था कि बाद में बताया गया कि राहुल गांधी INDIA गठबंधन के करीब 240 सांसदों के साथ संसद भवन की एनेक्सी में बैठक करना चाहते हैं। आयोग के अनुसार, संसद भवन की एनेक्सी में इस तरह की बैठक उसके निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप नहीं थी। इसलिए इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया गया। EC ने खुद दिया था वैकल्पिक रास्ता आयोग ने कहा कि नियमों के तहत राजनीतिक दलों से मुलाकात उसके परिसर में होती है। फिर भी मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आयोग ने एक वैकल्पिक व्यवस्था सुझाई थी। इसके तहत ज्ञापन लेने के लिए उसका सबसे वरिष्ठ कार्यरत अधिकारी संसद भवन की एनेक्सी जाने को तैयार था, लेकिन सांसद इस विकल्प पर सहमत नहीं हुए। मुलाकात के लिए रास्ता खुला चुनाव आयोग ने दोहराया कि किसी भी राजनीतिक दल से बातचीत को लेकर उसके दरवाजे बंद नहीं हैं। दल निर्धारित प्रक्रिया के तहत कभी भी मुलाकात का अनुरोध कर सकते हैं। आयोग का कहना है कि अभी तक किसी पार्टी ने तय प्रक्रिया के अनुसार बैठक के लिए समय नहीं मांगा है। ऐसे में फिलहाल कोई बैठक निर्धारित नहीं हुई है। आयोग ने साफ किया कि वह राजनीतिक दलों के मुद्दे सुनने और उन पर चर्चा करने के लिए तैयार है। ये भी पढ़ें: SIR पर विपक्ष का अगला दांव क्या? खरगे ने बुलाई लंच बैठक, CEC से मुलाकात के लिए लिखेंगे चिट्ठी